23 साल पहले दिनदहाड़े हुई थी GULSHAN KUMAR की हत्या, बचने के लिए दरवाजे पीटते रहें किसी ने मदद नहीं की

संगीत की दुनिया के बादशाह थे गुलशन कुमार (Gulshan Kumar) । 23 साल पहले बेहद बेरहमी से गुलशन कुमार को मौत के घाट उतारा गया था। गुलशन कुमार हत्याकांड(Gulshan Kumar Death Case) फिल्म इंडस्ट्री के सबसे चर्चित  मामलों में से एक है। वहीं आज बॉम्‍बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने गुलशन कुमार मर्डर केस में अपना फैसला सुनाते हुए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहयोगी अब्दुल रऊफ मर्चेंट की उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा। आइए जानते हैं कैसे और किन हालातों में हुई थी गुलशन की हत्या –

 

गुलशन कुमार दिल्ली के पंजाबी परिवार में जन्मे थे। उनके पिता के गली में ही जूस की दुकान हुआ करती थी। लेकिन अपनी मेहनत से गुलशन ने बॉलीवुड में सिर्फ सफलता का इतिहास ही नहीं रचा था, बल्कि लोगों के जीवन में भक्ति का वो रस घोला था जिसकी वजह से उन्हें आज भी याद किया जाता है।

 

सब कुछ गुलशन कुमार कि लाइफ मेें अच्छा ही चल रहा था कि अचानक एक दिन एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर किसी को दहला कर रख दिया था।  टी-सीरीज कंपनी के संस्‍थापक और  कैसेट किंग के नाम से मशहूर गुलशन कुमार(Gulshan Kumar) की हत्या अंधेरी स्थित शिव मंदिर के बाहर गोलियों से छलनी करके कर दी गई थी। बचने के लिए वो आसपास के घरों के दरवाजे पीटते रहे , लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला।

 

उस वक्त गुलशन कुमार के साथ सिर्फ उनका ड्राइवर ही था जिसको भी बदमाशो ने घायल कर दिया और वो उन्हें बचा नहीं सका ।  शूटर ने गुलशन पर गोलियां चलाते हुए कहा था- बहुत पूजा कर ली। अब ऊपर जा के करना।16 गोलियों से गुलशन कुमार की जान ले ली गई।

कहा जाता है कि अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को गुलशन कुमार की हत्या की सुपारी नदीम-श्रवण(Nadeem-Shravan) के नाम से मशहूर संगीतकार जोड़ी के नदीम सैफी(Nadeem Saifi) ने ही दी थी। इस हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद नदीम सैफी भारत से भागकर लंदन में जा बसा था। और नदीम-श्रवण की जोड़ी भी साल 2005 में टूट गई थी।

 

 

टी-सीरिज आज देश की सबसे बड़ी म्यूज़िक कम्पनी और फिल्म प्रोडक्शन हाउस है। इस कंपनी की नीव बरसों पहले गुलशन कुमार ने ही रखी थी। बचपन में गुलशन कुमार दरियागंज में एक जूस की दुकान पर जूस बेचा करते थे। 80 के दशक में उनके पिता ने कैसेट्स रिकॉर्डिंग और रिपेयरिंग की दुकान खोल ली, तो गुलशन कुमार को संगीत के प्रति लगाव हो गया। बाद में गुलशन कुमार ने दिल्ली से सटे नोएडा में छोटा सा रिकॉर्डिंग स्टूडियो खोल सुपर कैसेट्स कंपनी की नींव रखी। अगले कुछ साल में टी-सीरिज़ देश की सबसे बड़ी म्यूज़िक कंपनी बन गई।

उन्हीं दिनों में गुलशन कुमार की कई फिल्मों और म्यूज़िक एल्बमस में नदीम-श्रवण की जोड़ी ने संगीत दिया था। नदीम-श्रवण की जोड़ी को ऊंचाई तक पहुंचाने वाले ही गुलशन कुमार ही थे। लेकिन किन्हीं मुद्दों पर नदीम सैफी और गुलशन कुमार के बीच मनमुटाव बढ़ गया था।

बताया जाता है, कि नदीम तब अपने करियर को लेकर इस हद तक इनसिक्योर हो गए थे कि उन्होने अंडरवर्ल्ड डॉन(Underworld Don) अबु सलेम(Abu Salem) को गुलशन कुमार की हत्या की सुपारी दे दी थी। कहा जाता है कि गुलशन कुमार ने जबरन वसूली की मांग को पूरा करने से मना कर दिया था, जिसकी वजह से उनकी हत्या कर दी गई थी। दिन-दहाड़े जिस तरह से गुलशन कुमार को गोलियों से छलनी कर दिया गया था उस हत्याकांड से हर कोई सन्न रह गया था। साथ ही फिल्म इंडस्ट्री में अबु सलेम के नाम की दहशत हो गई थी।

 

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